रोटी-कपड़ा-मकान से आगे बढ़ी जनता की सोच” – एड. रीता भुइयार ने उठाए बुनियादी मुद्दे*

*बिजनौर, उ.प्र.।* सामाजिक चिंतक एवं एडवोकेट रीता भुइयार द्वारा जारी किए गए एक पोस्टर ने क्षेत्र में चर्चा छेड़ दी है। “सोच बदलो – समय बदल रहा है” शीर्षक से जारी इस पोस्टर में बदलते समय के साथ जनता की बदलती जरूरतों पर ध्यान दिलाया गया है।
पोस्टर में कहा गया है कि पहले जनता की मुख्य मांग “रोटी, कपड़ा और मकान” थी, लेकिन आज के दौर में यह बदलकर *”शुद्ध हवा, पानी और भोजन”* हो गई है। पोस्टर में चिंता जताई गई है कि शिक्षा, चिकित्सा, इंसाफ और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं लगातार महँगी होती जा रही हैं, जो जनहित में नहीं है।
*पोस्टर की 4 प्रमुख मांगें:*
1. *शिक्षा* सबके लिए सस्ती हो
2. *चिकित्सा* सबके लिए सुलभ हो
3. *इंसाफ* सबके लिए आसान हो
4. *सुरक्षा* सबके लिए सुनिश्चित हो
एड. रीता भुइयार ने इसे ही “सच्चा विकास” और “जनहित की सोच” बताया है। पोस्टर के माध्यम से जनता से अपील की गई है कि *”आइए, मिलकर एक स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध समाज का निर्माण करें!”*
*स्थानीय प्रतिक्रिया:*
बिजनौर जिले में इस पोस्टर की चर्चा जोरों पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पोस्टर में उठाए गए मुद्दे आज की सबसे बड़ी सच्चाई हैं। प्रदूषण, महंगी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लोग पहले से ही परेशान हैं।
एड. रीता भुइयार बिजनौर जिले में सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रहती हैं। इस पोस्टर को उनकी जनजागरूकता मुहिम का हिस्सा माना जा रहाहै।



