कांवड़ खंडित हुई तो नहीं माने भोले के भक्त! औरैया के विमल 200 KM वापस जाकर लाए गंगाजल, गांव में किया जलाभिषेक
*औरैया। आस्था की ताकत के आगे मुश्किलें भी हार जाती हैं। इसका जीता-जागता उदाहरण बने उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के ग्राम धोरेरा निवासी *विमल कुमार प्रजापति*।
विमल कुमार हर साल की तरह इस सावन भी भोलेनाथ की कांवड़ लेने हरिद्वार पहुंचे थे। गंगाजल भरकर उन्होंने पैदल यात्रा शुरू की। यात्रा उत्तर प्रदेश के अमरोहा जनपद से करीब 30 KM आगे पहुंची थी कि अचानक उनकी कांवड़ खंडित हो गई।
कांवड़ खंडित होते ही विमल का दिल टूट गया। नियम के अनुसार उन्होंने तुरंत कांवड़ को पास की नदी में विसर्जित किया और भोले बाबा से बार-बार क्षमा मांगी।
लेकिन भक्ति आधी नहीं छूटती। उसी रात उन्होंने फैसला लिया और वापस हरिद्वार लौट आए। गंगा में स्नान कर घाट पर रात्रि विश्राम किया। उनका कहना है कि “रात को गंगा किनारे मुझे अजीब सी मानसिक शांति और बाबा का आशीर्वाद महसूस हुआ।”
अगली सुबह फिर से नई कांवड़ में गंगाजल भरकर विमल ने यात्रा शुरू की। भोले का गुणगान करते हुए उन्होंने नियत समय पर अपने गांव धोरेरा पहुंचकर शिव मंदिर में बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
*गांव में हो रही चर्चा*
जैसे ही लोगों को विमल की इस 200 KM की अतिरिक्त और चमत्कारी यात्रा के बारे में पता चला, हर कोई उनकी भक्ति की सराहना कर रहा है। गांव वालों का कहना है कि “विमल कुमार पर बाबा भोलेनाथ का विशेष आशीर्वाद है।”
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