सिद्ध कुटी पर दोबारा लगा मेला श्रद्धालुओं ने प्रसाद चढाया माथा टेका
लालढांग
हरिद्वार के गैंडी खाता पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत गंगा किनारे स्थित *सिद्ध कुटी सिद्ध पीठ आश्रम* पर इस साल *पुरुषोत्तम माह/अधिक माह* पड़ने की वजह से 2 ज्येष्ठ माह हो गए हैं। इसी असमंजस के चलते *पिछले 25 मई* को आश्रम पर लगा विशाल मेला लगा था जिसमें श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में पहुंचकर मेले में दर्शन कर प्रसाद चढ़ाया था वही असमंजस की स्थिति में कुछ श्रद्धालु वंचित रह गये थे।सनातन पंचांग के हिसाब से इस साल अधिक ज्येष्ठ चल रहा है। कई श्रद्धालु कन्फ्यूज हो गए कि मेला निज ज्येष्ठमें लगेगा या “अधिक ज्येष्ठ” में 25 मई को आश्रम पर विशाल मेला लगा, पर दूर-दराज से आने वाले कुछभक्त असमंजस की वजह से पहुंच नहीं पाए।असमंजस दूर होते ही आज मेले में श्रद्धालुओने गंगा में श्रद्धापूर्वक स्नान किया और सिद्ध पीठ पर प्रसाद चढ़ाकर* मनोकामनाएं मांगीं। बुजुर्ग श्रद्धालुओं में राम सिंह धर्मवीर सिंह आदि का कहना है अधिक मास में गंगा स्नान और सिद्ध पीठ के दर्शन का फल 10 गुना मिलता है।आश्रम पर चल रहे मेले में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए अनूठी मिसाल देखने को मिल रही है पिछले दो दिन से आश्रम पर लगातार मेरठ से आए लाला जी और मिरगापुर के भक्तोंद्वारा मेले में भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं को *भोजन रूपी प्रसाद* निःशुल्क वितरित किया गया
गंगा स्नान के बाद थके-हारे श्रद्धालु जब आश्रम पहुंचते हैं तो उन्हें गर्म-गर्म भोजन परोसा गया लंगर में , सब्जी, पूरी और हलवेआदिका वितरण किया गया श्रद्धालुभक्तों का कहना है – “अधिक मास में सिद्धपीठ के दर्शन और लंगर का प्रसाद पाकर मन तृप्त हो गया। लाला जी और मिरगापुर वालों की सेवा सराहनीय है।
वहीं मेले में पहुंचे दुकानदारों को पिछले माह लगे मेले की अपेक्षा मेले में भीड़ आने की उम्मीद थी लेकिन मेले में केवल ज्यादातर श्रद्धालु जो पिछले महा लगे मेले में नहीं आ पाए थे वो श्रद्धालु भक्त सिद्ध पीठ पर पहुंचे जिससे मेले में दुकानदारों की दुकानदारी ना होने के कारण जल्द ही अपना सामान समेट कर अपने-अपने घरों को जाने के लिए विवश होना पड़ा।
सिद्ध कुटी सिद्ध पीठ के सेवादार कन्हैया दास ने बताया श्रद्धालु भक्तों ने आज सिद्ध पीठ पर पहुंच कर प्रसाद चढ़ा कर माथा टेका।
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