मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने समस्या के समाधान को लिखा पत्र

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पूर्व  मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने समस्या के समाधान को लिखा पत्र

कोटद्वार।

उत्तराखंड सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री माननीय सुरेन्द्र सिंह नेगी ने मुख्यमंत्री माननीय श्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर *नगर निगम कोटद्वार के लिए प्रस्तावित कूड़ा निस्तारण केंद्र (ट्रेंचिंग ग्राउंड) के संबंध में स्थानीय जनता की चिंताओं और जनभावनाओं से अवगत कराया है*। उन्होंने पत्र के माध्यम से मांग की है कि आबादी एवं शैक्षणिक संस्थानों के निकट प्रस्तावित कूड़ा निस्तारण केंद्र को जनहित में अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए तथा कोटद्वार की इस समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए । अपने पत्र में श्री नेगी जी ने कहा कि नगर निगम कण्वनगरी, कोटद्वार में कूड़ा निस्तारण के लिए जिस भूमि का चयन किया गया है, *वह घनी आबादी, शैक्षणिक संस्थानों, हरिद्वार-कोटद्वार-कालागढ़-रामनगर को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग तथा औद्योगिक एवं पर्यटन क्षेत्र के निकट स्थित है*। साथ ही यह क्षेत्र मालिन एवं रतलाम *नदी के समीप होने के कारण पर्यावरणीय दृष्टि से भी अत्यंत संवेदनशील है*। ऐसी स्थिति में वहां कूड़ा निस्तारण केंद्र स्थापित होने से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ने, जल स्रोत प्रभावित होने तथा स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।

*श्री नेगी जी ने विशेष रूप से मांग की है कि वर्तमान में काशीरामपुर तल्ला क्षेत्र में चल रहे कूड़ा निस्तारण केंद्र को जनहित में आबादी क्षेत्र से हटाया जाए ,तथा पूर्व में कोटद्वार के लिए आवंटित सीवर फार्म की भूमि उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से वार्ता कर शीघ्र प्रभावी कार्रवाई की जाए*।

श्री नेगी जी ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि स्थानीय जनता लंबे समय से इस प्रस्तावित कूड़ा निस्तारण केंद्र का विरोध कर रही है तथा अनेक माध्यमों से अपनी आपत्ति भी दर्ज करा चुकी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता आवश्यक है, लेकिन किसी भी आबादी और शैक्षणिक क्षेत्र के मध्य कूड़ा निस्तारण केंद्र स्थापित करना जनहित और पर्यावरणीय दृष्टि से उचित नहीं माना जा सकता।

*पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री नेगी जी ने इस समस्या का व्यावहारिक समाधान भी सुझाया*। *उन्होंने कहा कि उत्तराखंड गठन से पूर्व कोटद्वार के लिए उत्तर प्रदेश में आवंटित सीवर फार्म की भूमि, जो वर्तमान में उत्तर प्रदेश की सीमा में स्थित है, उसे पुनः कोटद्वार के उपयोग हेतु उपलब्ध कराया जाए*। नेगी जी ने सुझाव दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार से समन्वय स्थापित कर उक्त भूमि पर एसटीपी अथवा आधुनिक कूड़ा निस्तारण केंद्र विकसित किया जा सकता है, जिससे कोटद्वार की कूड़ा निस्तारण समस्या का स्थायी एवं दीर्घकालिक समाधान संभव हो सके।

श्री नेगी जी ने यह भी उल्लेख किया कि *नगर निगम कोटद्वार की बोर्ड बैठक में भी इस आशय का प्रस्ताव पारित कर वर्ष 2023 में शासन को भेजा जा चुका है*। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े कई विषय दोनों राज्यों के समन्वय से संचालित होते हैं, इसलिए इस विषय पर भी सकारात्मक पहल की जानी चाहिए।

अपने पत्र में  उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय जनता की भावनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार को इस विषय पर संवेदनशील एवं दूरदर्शी निर्णय लेना चाहिए, जिससे कोटद्वार की एक महत्वपूर्ण समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सके।

 

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