लालढांग के काली मंदिर में हाथियों ने मचाया तांडव।
लालढांग बुधवार की रात लगभग 10:30 बजे जंगल से आए हाथियों ने लालढांग स्थित प्राचीन काली मंदिर परिसर में घुसकर जमकर तांडव मचाया।
हाथियों ने मंदिर के भंडार गृह का दरवाजा तोड़ दिया और अंदर रखी हवन-पूजन व खाद्य सामग्री आदि सामान नष्ट कर दिया। हाथियों के मंदिर परिसर में आ जाने से परिसर में रह रहे पुजारी व महंत डर से भयभीत हो गए उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग को दी,सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने हाथियों को भारी मशक्कत के बाद मंदिर परिसर से जंगल की ओर भगाया
मंदिर के पुजारी भवानी राम के अनुसार लगभग 50,000 रुपये का नुकसान हुआ है। साथ ही हाथियों ने मंदिर परिसर की चारदीवारी और तार-बाड़ को भी तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया।
वहीं पुजारी ने इसे एक शुभ संकेत भी बताया। उनका कहना है कि गणेश चतुर्थी की पूजा-अर्चना का कल अंतिम चरण था, हो सकता है कि गणेश जी माता के भवन में माता से मिलने आए हों।
मंदिर परिसर में हाथियों के आने की सूचना पर मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का निरीक्षण किया और वन विभाग के अधिकारियों को सूचित किया। समिति ने शीघ्र ही बैठक बुलाकर भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया है तथा वन विभाग से समय-समय पर गश्त लगाने की मांग की है।
वन विभाग चिड़िया पुर के क्षेत्रीय प्रभारी गौतम सिंह राठौड़ ने बताया सूचना पर काली मंदिर परिसर में टीम के साथ पहुंचकर लगभग 1 घंटे की भारी मशक्कत के बाद हाथियों को मंदिर परिसर से वन क्षेत्र की भगाया गया। हाथी लगभग बच्चों सहित आठ की संख्या में थे।
लालढांग प्राचीन काली मंदिर समिति के अध्यक्ष कैलाश शर्मा ने बताया कि हाथियों ने तार-बाड़ तोड़कर भंडार गृह में रखा हवन पूजन व खाद्य सामग्री आदि सामान नष्ट कर दिया है।
लालढांग के काली मंदिर में हाथियों ने मचाया तांडव।
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