रामलीला में उमड़ा जनसैलाब, छोटा पड़ा पंडाल – बालि वध की लीला बनी आकर्षण
लालढांग क्षेत्र के चमरिया गाँव में श्री आदर्श रामलीला कमेटीके निर्देशन में रामलीला मंचन का आयोजन किया जा रहा है शनिवार को रामलीला मंचन में बालि वध की लीला के दौरान भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दर्शकों की इतनी संख्या रही कि रामलीला का पंडाल छोटा पड़ गया और कई दर्शकों को पंडाल के बाहर खड़े होकर लीला देखनी पड़ी।
लीला मंचन में मोहन सिंह राणा, प्रभा राणा, विमला रावत और आदेश कुमार ने संयुक्त रूप से मुख्य अतिथि के रूप में पहुँच कर आरती की।
रामलीला देखने के लिए कोटद्वार, मोटाढाक, सिगड़ी, कलालघाटी, रसूलपुर, मंगलपुर, लालढांग गैंडी खाता मीठी बेरी सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। कार्यक्रम संयोजक प्रकाश डोबरियाल ने बताया लीला मंचन में पहुंची पंडाल की क्षमता से अधिक भीड़ को देखते हुए कमेटी ने रविवार से पंडाल को और बड़ा करने पर विचार किया है, ताकि दर्शक आराम से बैठकर लीला का आनंद ले सकें।
लीला का मुख्य आकर्षण भक्त हनुमान का प्रभु रामचंद्र जी से मिलन और बालि-सुग्रीव युद्ध रहा। मंच पर पर्यावरण का संदेश देते हुए अशोक वाटिका प्रसंग के दौरान नरेंद्र सिंह नेगी का प्रसिद्ध गीत ‘ना काटा यूं डाली…’ मालिया द्वारा गाया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। लीला मंचन में राम की भूमिका में नकुल रावत, लक्ष्मण में रितेश कुमार, हनुमान में दीपक बिष्ट, सुग्रीव में सिद्धांत बिष्ट, बाली में आकाश कुमार, सीता में हर्ष कुमार और रावण की भूमिका में नवीन कुमार रहे। निर्देशन रंजन बिष्ट ने किया।
इस अवसर पर कमेटी के अध्यक्ष रमेश मिश्रा कार्यक्रम संयोजक प्रकाश डोबरियाल प्रबंधक गोपाल अधिकारी, उपाध्यक्ष पूरन अधिकारी, सचिव दीपक बिष्ट, संरक्षक किशोरी लाल मिश्रा, कार्यकारिणी सदस्य ललित मेहरा, कोषाध्यक्ष देवेंद्र सिंह, जीवन मेहरा आदि मौजूद रहे।