
लालढांग रसूलपुर में रवसान नदी पर झूला पुल निर्माण की मांग को लेकर रविवार को अनिश्चितकालीन धरना 30 वें दिन भी जारी रहा वही ग्रामीणों द्वारा किया जा रहा क्रमिक अनशन का आज 12वाॅं दिन था आज क्रमिक अनशन पर सुरेशी डबराल व सतेश्वरी रावत बैठी। ग्रामीण महिलाओं ने माला पहनाकर उन्हें अनशन पर बैठाया। इसके बाद दिनभर धरना स्थल पर भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। ग्रामीणों ने झूला पुल निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। वहीं तेज आंधी और तूफान के बीच भी ग्रामीणों ने धरना स्थल पर बैठकर धरना दिया ग्रामीणों द्वारा जैसे-जैसे बारिश और तूफान अपनी रफ्तार बढ़ा रहा था वैसे-वैसे ग्रामीणों द्वारा भी धरना स्थल पर जोर-जोर से नारे लगाकर ईश्वर तक अपनी आवाज को पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा था ग्रामीणों द्वारा चाहे जो मजबूरी हो, मांग हमारी पूरी हो।एक ही लक्ष्य एक ही नारा झूला पुल बने हमारा। भजन कीर्तनों के बीच पंडाल में ग्रामीणों द्वारा गगन भेदी आवाज में नारे लगाए जा रहे थे।

ग्रामीणों ने कहा कि जब तक झूला पुल निर्माण का शासनादेश नहीं मिल जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।
इस मौके पर बृजमोहन पोखरियाल, पंकज चमोली, संतराम, यादराम सैनी, माडू सिंह, मदन सिंह, सुभाष, सोहनलाल जखमोला, कमलेश द्विवेदी, आलोक द्विवेदी, विनोद जोशी, सतेश्वरी देवी, सुरेशीदेवी पूनम देवी, मोनिका, ज्योति आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
