लालढांग। रसूलपुर में रवासन नदी पर झूला पुल निर्माण की मांग को लेकर चल रहा धरना प्रदर्शन आज 23 वें दिन भी जारी रहा। वहीं मांग को लेकर शुरू किया गया क्रमिक अनशन आज छटवें दिन में प्रवेश कर गया।

रविवार को क्रमिक अनशन पर बैठे महानंदसिंह व जसवन्त सिंह को ग्रामीणों ने फूल-माला पहनाकर धरना स्थल पर बैठाया और उनके समर्थन में नारेबाजी की। धरना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से रवासन नदी पर झूला पुल की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जिसके कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं ग्रामीणों ने रविवार को आक्रोश रैली निकाली रैली लालढांग के गांधी चौक से शुरू होकर मिट्ठी बेरी तिराहे तक निकाली गई। रैली में शामिल ग्रामीणों ने हाथों में बैनर-तख्ती लेकर चल रहे थे जिनमें विभिन्न नारे एक ही लक्ष्य एक ही नारा झूला पुल बने हमारा,। रवासन नदी पर झूला पुल निर्माण करो,। चाहे जो मजबूरी हो मांग हमारी पूरी हो। लिखे हुए थे।
रवासन नदी पर शीघ्र झूला पुल निर्माण की मांग पूरी करने की मांग उठाई और अपना आक्रोश जताया।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही झूला पुल निर्माण की मांग पूरी नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आक्रोश रैली में बृजमोहन पोखरियाल, आलोक द्विवेदी, कमलेश द्विवेदी, सुरेंद्र रावत, पंकज चमोली, विनोद जोशी, संतराम सिंह राजेंद्र प्रसाद,करुणा देवी ,कमला देवी, सतेश्वरी देवी ,प्रियंका, गीता देवी, पूनम , देवी, पुष्पा ,भावना देवी, भोलू द्विवेदी, नीरज ,नमन चंद्र, यादराम ,, जगपाल ग्रेवाल, गौरव ठाकुर मुनेश, तुलसी देवी, मानसी देवी ,मीनू, मथुरा दत्तउप्रेती सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

