रवासन नदी पर झूलापुल निर्माण को धरने पर बैठीं विधायक,
10 दिन में शासनादेश नहीं आया तो करूंगी आमरण अनशन: अनुपमा रावत
लालढांग। रवासन नदी पर झूला पुल निर्माण की मांग को लेकर सियासत तेज हो गई है। बुधवार को हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत ने ग्रामीणों के साथ रवासन नदी के बीच सांकेतिक धरना देकर सरकार को खुली चेतावनी दी।
धरने से पहले विधायक अनुपमा रावत और कांग्रेस प्रदेश सचिव गुरजीत लहरी माँ काली मंदिर पहुंचे और मत्था टेका। उसके बाद मंदिर प्रांगण से पैदल रैली निकालते हुए सभी कार्यकर्ता रवासन नदी पर पहुंचे और जोरदार नारेबाजी के साथ धरना दिया।
धरने को संबोधित करते हुए विधायक अनुपमा रावत ने कहा कि भाजपा सरकार जानबूझकर झूला पुल की फाइल दबाकर बैठी है, आज तक शासन से वित्तीय स्वीकृति नहीं मिली है। उन्होंने साफ कहा कि यदि 10 दिनों के अंदर पुल निर्माण का शासनादेश जारी नहीं होता है, तो वह निर्माण स्थल पर ही आमरण अनशन पर बैठेंगी। उन्होंने राज्य सरकार पर लालढांग क्षेत्र की लगातार उपेक्षा का आरोप लगाया।
कांग्रेस प्रदेश सचिव गुरजीत लहरी ने कहा कि भाजपा ने हमेशा लालढांग की अनदेखी की है। 2022 में ही इस पुल के लिए टेस्टिंग बजट जारी हो चुका था, लेकिन इस झूला पुल को आज तक शासन से मंजूरी नहीं मिली है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी रवासन नदीपरझूला पुल का निर्माण आज तक नहीं हो सका।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में स्कूली छात्र आर्यन भट्ट की नदी में बहने से हुई मौत के बाद पुल निर्माण की मांग फिर तेज हो गई है।
इस दौरान रंजनदीप संधू, करमजीत खैरा, बलराज संधू, संदीप लहरी, टीकाराम सैनी, शैलेन्द्र पाठक, हकीमुल्ला उस्मानी, इरशाद भडाना, यूसुफ गुर्जर समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।
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