*लालढांग।* लालढांग से रसूलपुर आर्य नगर को जोड़ने वाली रावासन नदी पर झूला पुल निर्माण की मांग अब जन आंदोलन बनती जा रही है। झूला पुल संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहा ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा।
*बारिश में भी नहीं डिगा हौंसला*
खास बात यह रही कि मूसलाधार बारिश के बावजूद ग्रामीणों ने धरना स्थल नहीं छोड़ा। रावासन नदी के किनारे टेंट लगाकर बैठे ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। धरने में बड़ी संख्या में महिलाओं, बच्चों और नौजवानों की मौजूदगी ने प्रशासन को कड़ा संदेश दिया।
धरने की अध्यक्षता ग्राम के पूर्व प्रधान जगपाल सिंह ग्रेवाल ने की, जबकि संचालन सुरेंद्र रावत ने किया।
धरने को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सदस्य बृजमोहन पोखरियाल ने दो टूक कहा, “जब तक शासन-प्रशासन झूला पुल निर्माण का कार्य शुरू नहीं करता, तब तक हमारा धरना जारी रहेगा। यह पुल कोई मांग नहीं, हमारी मूलभूत सुविधा है। सालों से हम नदी पार करने के लिए जान जोखिम में डाल रहे हैं।”
संघर्ष समिति के सदस्य दीपक जखमोला ने कहा कि सभी ग्रामीण एकजुट हैं और शासन को तुरंत पुल निर्माण शुरू करना चाहिए। अन्य वक्ताओं ने भी शीघ्र निर्माण कार्य शुरू करने पर जोर दिया।
*धरना स्थल पर मुख्य रूप से
कमलेश द्विवेदी (ग्राम प्रधान), आलोक द्विवेदी, पंकज चमोली, संत राम, यादराम सैनी, विनोद सैनी, कमलेश बडोला, अनीता तड़ियाल, गीता बिष्ट, करुणा केस्टवाल, रेनू भंडारी, भावना बिष्ट, चंद्रकला देवी, विक्रम चौहान, सरोज डबराल, सत्येश्वरी देवी, अर्चना देवी, गीता बडोला, उर्मिला देवी, अमरदेव अमोली, जगदीश चमोली, नवीन चमोली, सविता देवी, सोहनलाल ग्वाड़ी, केशव उप्रेती, सुलोचना देवी, नंदकिशोर सैनी, मनमोहन रावत आदि बड़ी संख्या ग्रामीण मौजूद रहे।





