लालढांग। रवासन नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर चल रहा ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन मंगलवार को चौथे दिन और विशाल रूप ले गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण धरना स्थल पर पहुंचे और दिनभर डटे रहे। खास बात रही कि इस आंदोलन में सबसे ज्यादा संख्या मातृशक्ति की रही।
ग्रामीणों के बढ़ते जनसैलाब को देखते हुए आखिरकार जिला प्रशासन हरकत में आया। उपजिलाधिकारी हरिद्वार योगेश सिंह मेहरा, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता योगेश कुमार और जेई अतुल राणा धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की
SDM योगेश सिंह मेहरा ने ग्रामीणों को PWD की ओर से बड़ा आश्वासन देते हुए कहा कि “आपकी मांग पर अब झूला पुल की जगह स्टील गार्डर पुल बनाया जाएगा, जिस पर हल्के वाहन निकल सकेंगे। भूमि हस्तांतरण और वन विभाग की क्लीयरेंस मिल चुकी है। इसी महीने के अंत तक फाइल शासन को भेज दी जाएगी।”
लेकिन ग्रामीण इस आश्वासन से भी संतुष्ट नहीं हुए। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक मौके पर पुल का निर्माण कार्य शुरू नहीं होगा, तब तक धरना जारी रहेगा।
धरना स्थल पर पहुंचे जिला पंचायत सदस्य बृज मोहन पोखरियाल ने कहा कि “प्रशासन को जनहित में इसका त्वरित निस्तारण कर पुल का निर्माण शुरू कराना चाहिए, ग्रामीण स्वतः ही धरना समाप्त कर देंगे।”
धरने में मुख्य रूप से पंकज चमोली, ऋषिपाल, ओमप्रकाश, दीपक जखमोला, विनोद जोशी, आलोक द्विवेदी, एमएस उप्रेती, माया देवी, परमेश्वरी देवी, रेखा देवी, आनंद, रूपचंद, जसवीर सिंह, तारा सिंह, सुमित्रा देवी, लेखराज, रतीराम, बबलू सिंह, राजकुमारी, बसंती, पार्वती देवी, लक्ष्मी देवी सहित भारी संख्या में मातृशक्ति मौजूद रही


