लालढांग। रवासन नदी पर झूला पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। झूला पुल निर्माण में हो रही देरी से नाराज ग्रामीणों का धरना आज 20वें दिन भी लगातार जारी रहा। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि जब तक झूला पुल निर्माण की मांग पूरी नहीं होती, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।

मांग को लेकर शुरू किया गया क्रमिक अनशन आज तीसरे दिन भी जारी रहा। आज क्रमिक अनशन पर ग्रामीण सुरेंद्र रावत और यादराम सैनी बैठे। ग्रामीणों ने दोनों अनशनकारियों को फूल-माला पहनाकर धरना स्थल पर बैठाया और उनके समर्थन में जमकर नारेबाजी की।
धरना स्थल पर पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी लगातार डटी हुई हैं। महिलाओं द्वारा धरना स्थल पर भजन-कीर्तन कर ईश्वर से झूला पुल निर्माण की प्रार्थना करने का सिलसिला आज भी जारी रहा। भजन-कीर्तन से पूरे धरना स्थल पर भक्तिमय माहौल बना रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि रवासन नदी पर झूला पुल न होने से उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और किसानों को नदी पार करने में जान जोखिम में डालनी पड़ती है। बरसात के दिनों में तो स्थिति और भी विकराल हो जाती है। कई बार शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक पुल निर्माण की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

वहीं धरने के 20 वे दिन श्री काली माता मंदिर सेवा समिति लालढांग व लोक सांस्कृतिक गेंद मेला समिति लाल ढांग द्वारा संयुक्त रूप से पत्र लिखकर धरने को अपना समर्थन दिया है
धरना स्थल पर मुख्य रूप से विनोद सैनी, विनोद जोशी, पंकज चमोली, महानंद, निरंजन सिंह, संतराम सिंह, करुणा देवी, मुन्नी देवी, उर्मिला देवी, आलोक द्विवेदी, ग्राम प्रधान कमलेश द्विवेदी, जिला पंचायत सदस्य बृजमोहन पोखरियाल आदि महिला एवं पुरुष ग्रामीण मौजूद रहे।
