लालढांग रसूलपुर मीठीबेरी में रावासन नदी पर झूला पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को 18वें दिन भी जारी रहा। अपनी मांग को लेकर अड़े ग्रामीणों ने अब आंदोलन को और तेज कर दिया है।

ग्रामीणों द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णय के अनुसार धरने के 18वें दिन से क्रमिक अनशन शुरू किया गया है। मंगलवार सुबह 10 बजे धरना स्थल पर ग्रामीणों ने अपने दो साथियों महेंद्र सिंह और रामचंद्र पाल को फूल-माला पहनाकर उनका स्वागत किया और उन्हें क्रमिक अनशन पर बैठाया। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों अनशनकारियों का अनशन सायं 5 बजे तक चलेगा।
धरना स्थल पर ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान *”ना हिम्मत हारी है, ना हिम्मत हारेंगे”, “ग्रामीण एकता जिंदाबाद”, “युवा शक्ति जिंदाबाद”, “मातृ शक्ति जिंदाबाद”* जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
ग्रामीणों का कहना है कि रवासन नदी पर झूला पुल न होने से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में तो नदी पार करना जान जोखिम में डालने जैसा हो जाता है। कई बार शासन-प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी पुल निर्माण शुरू नहीं हुआ, जिससे मजबूर होकर ग्रामीण धरने पर बैठे हैं।
धरना स्थल पर मुख्य रूप से जिला पंचायत सदस्य बृजमोहन पोखरियाल ग्राम प्रधान कमलेश द्विवेदी आलोक द्विवेदी, सुरेंद्र रावत, रतिराम, यादराम सैनी, पंकज चमोली, विनोद सैनी, श्याम प्रसाद शर्मा, संतराम सिंह, हरिप्रसाद केष्टवाल, सतेश्वरी देवी, रेखा देवी, प्रियंका, निर्मला आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
