लालढांग में श्रीराम कथा की हो रही अमृत वर्षा
श्रीराम कथा के पांचवे दिवस कथा वाचक के मुख से बरसी अमृत वर्षा*
*भक्तों की आंखें हुई नम, “मर्यादा पुरुषोत्तम” का चरित्र सुन गदगद हुआ पूरा पंडाल*
हेमा नेगी
लालढांग 16 जून 2026*
श्रीराम कथा के पांचवे दिन आज पंडाल में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। कथा वाचक पूज्य महाराज श्री के मुख से जैसे ही श्रीराम के वनवास, सीता-हरण और राम-रावण युद्ध के प्रसंग निकले, पूरा माहौल राममय हो गया महाराज श्री ने बताया कि श्रीराम ने वनवास को दंड नहीं, सेवा का अवसर माना। “राजा महल में नहीं, जनता के दिल में बसता है” – ये पंक्ति सुनते ही पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा कथा वाचक ने जब सीता माता के चरित्र, त्याग और धैर्य का वर्णन किया तो कई माताएं-बहनें भावुक होकर रो पड़ीं। महाराज ने कहा “स्त्री का सम्मान ही सनातन की पहचान है”। हनुमान जी के “प्रभु मैं आपका दास हूं” वाले प्रसंग पर कथा वाचक की आवाज भर्रा गई। भक्तों ने भी तालियां और जयकारों से हनुमान जी का अभिनंदन किया।
महाराज श्री ने कहा – “राम कथा सुनना काफी नहीं, राम जैसा बनना जरूरी है। सत्य बोलो, माता-पिता की सेवा करो यही रामराज है।
कथा का समापन आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। पंडाल में”सिया वर रामचंद्र की जय” के जयघोष गूंजते रहे।
पांचवे दिवस की श्री राम कथा में मुख्य रूप से पुष्पा सरोज रिंकी किरन रोशनी रेनू ममता कृष्णा सुदन डबराल, अनीता डबराल, आशा शर्मा,अनीता, आदि बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे।
Must Read





