रवासन नदी पर झूला पुल निर्माण को ग्रामीणों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन
धरना प्रदर्शन ।
लालढांग। ग्राम रसूलपुर आर्यनगर के ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य बृजमोहन पोखरियाल के नेतृत्व में रवासन नदी पर झूला पुल निर्माण की मांग को लेकर शनिवार को टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
जिला पंचायत सदस्य बृजमोहन पोखरियाल ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में 3 दिन पहले ही अपने लेटर पैड पर जिलाधिकारी हरिद्वार को पत्र देकर 3 दिन के भीतर टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की मांग की थी। लेकिन 3 दिन की समय सीमा कल पूरी हो चुकी है और अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि यह मांग 1977 से लंबित है। वर्ष 2021 में यह मामला मुख्यमंत्री घोषणा में भी शामिल हो चुका है और वन विभाग से एनओसी सहित प्रथम चरण की सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। अब केवल टेंडर होना बाकी है। जब तक टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं होती, धरना जारी रहेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से झूला पुल की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पुल न होने से ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।धरने पर बैठे ग्रामीणों का कहना है कि यह धरना किसी पार्टी या सरकार के विरोध में नहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि उनका मकसद सिर्फ इतना जानना है कि झूला पुल के लिए अब तक क्या कार्रवाई हुई है।
धरने के दौरान बातचीत में एक ग्रामीण ने कहा, “हमारा धरना किसी के खिलाफ नहीं है, हम सिर्फ यह पूछना चाहते हैं कि पुल का टेंडर क्यों नहीं हो रहा है। अगर सारी प्रक्रिया पूरी हो गई है तो काम शुरू क्यों नहीं हुआ। प्रशासन को इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।”
धरना प्रदर्शन के मौके पर मुख्य रूप से जिला पंचायत सदस्य बृजमोहन पोखरियाल , ग्राम प्रधान कमलेश द्विवेदी आलोक द्विवेदी पंकज चमोली दीपक जखमोला, सरदार चंचल सिंह, सुरेंद्र रावत विनोद जोशी, संतराम सिंह
जगदीश गौड, सत्येंद्र केस्टवाल संदीप सैनी, नवीन चमोली, गौरव ठाकुर महानंद ,चंद्रकला, रेनू भंडारी, करुणा देवी, बबली देवी, उर्मिला देवी लक्ष्मी देवी आदि बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।

धरना प्रदर्शन ।

