महाविद्यालय में देवभूमि उद्यमिता योजना कार्यक्रम हुआ सम्पन्न
लालढांग राजकीय मॉडल महाविद्यालय मीठीबेरी में बुधवार को देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत एक दिवसीय अभिविन्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार एवं मुख्य वक्ता प्रोजेक्ट अधिकारी मनीष चंद्रा ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. कुलदीप चौधरी ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि उत्तराखंड पहाड़ी राज्य होने के कारण युवाओं के सामने पलायन बड़ी चुनौती है। देवभूमि उद्यमिता योजना के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे तो पलायन पर रोक लगेगी। राज्य व केंद्र सरकार युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
मुख्य वक्ता मनीष चंद्रा ने पीपीटी के माध्यम से छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों के सीमित अवसरों के दौर में युवाओं को अपना उद्यम विकसित करना होगा। सकारात्मक सोच और जोखिम लेने की क्षमता ही सफल उद्यमी बनाती है। अपना उद्यम स्थापित कर युवा दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं।
इस दौरान महाविद्यालय की पूर्व छात्रा कु. कशिश द्वारा स्थापित स्वरोजगार उद्यम की सराहना करते हुए प्राचार्य एवं मुख्य वक्ता ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रोफेसर सतेंद्र कुमार, डॉ. अरविंद वर्मा, डॉ. बालक राम भद्री, डॉ. विनोद कुमार उनियाल, डॉ. निवेदिता प्रियदर्शनी, शशिधर उनियाल, पूनम, कुलदीप, सूरज व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
महाविद्यालय में देवभूमि उद्यमिता योजना कार्यक्रम हुआ सम्पन्न
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