31 दिन बाद शासनादेश मिलते ही धरना समाप्त, ग्रामीणों ने स्वामी यतीश्वरानंद का जताया आभार
लालढांग। रवासन नदी पर झूला पुल की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना सोमवार को 31वें दिन भी जारी रहा। क्रमिक अनशन के 13वें दिन दीवान सिंह व सुल्तान सिंह को ग्रामीणों ने माला पहनाकर अनशन पर बैठाया। उनके समर्थन में बड़ी संख्या में ग्रामीण धरना स्थल पर डटे रहे।
सोमवार को भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष स्वामी यतीश्वरानंद पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने शासनादेश की कॉपी ग्रामीणों के बीच रखी, जिसे पढ़कर सुनाया गया।
धरना स्थल को संबोधित करते हुए स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि 2021 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा में इस पुल को शामिल किया था और 12 अक्टूबर को उसका जीओ जारी हुआ है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद करता हूं। बहुत जल्द टेंडर की औपचारिकताएं पूरी होंगी और मुख्यमंत्री जी आकर इसका भूमि पूजन करेंगे।
उन्होंने कहा कि 31 दिन से अनिश्चितकालीन धरना हमारी माताओं-बहनों द्वारा किया जा रहा था, उनकी मांग जायज थी। मैंने कहा था कि 12 तारीख को शासनादेश लेकर आऊंगा और वह आज पूरा हो चुका है। कल से टेंडर निकल जाएगा।
उन्होंने कहा कि पिछले 50-60 साल से इस पुल की मांग थी। स्कूली बच्चों को बहुत दिक्कत होती थी। कुछ दिन पहले आर्यन नाम का बच्चा इस नदी में डूब कर चला गया था। उसकी माता ने कहा था कि स्वामी जी पुल बनवा दें, तो मैंने कहा था कि अगर यह पुल हम नहीं बनवा पाए तो विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। आज उस बहन की इच्छा और क्षेत्र के लोगों का सपना पूरा हुआ है।
शासनादेश मिलते ही ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिंदाबाद और स्वामी यतीश्वरानंद जिंदाबाद के गगनभेदी नारे लगाकर खुशी मनाई और आभार जताया। 31वें दिन ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया। खुशी के इस मौके पर ग्रामीणों ने स्वामी यतीश्वरानंद को पुष्पमाला पहनाकर लड्डू खिलाकर अभिनंदन किया।
इस मौके पर राज्य मंत्री आदेश सैनी, जिला पंचायत सदस्य बृजमोहन पोखरियाल, मंडल अध्यक्ष विक्रम चौहान, आलोक द्विवेदी, सुरेंद्र रावत, दीपक जखमोला, ग्राम प्रधान कमलेश द्विवेदी, विनोद जोशी, आजाद पोखरियाल, विनोद पोखरियाल, संजय सैनी, मो. अहसान, प्रेम सिंह, तारा सिंह, दरबान सिंह राणा, जगदीश रयाल, विनोद सैनी, महानंद सैनी, विनय सैनी, पंकज चमोली, श्याम प्रसाद शर्मा, ओम प्रकाश उप्रेती, कल्पना, पूनम, मुन्नी देवी, पुष्पा, सलोचना देवी, कमला, उर्मिला, मंगली, उषा, रेखा, सुशीला देवी, सुमित्रा, जगमा, मानसी, अनीता, रेनू, सुमन, सुमति आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
31 दिन बाद शासनादेश मिलते ही धरना समाप्त, ग्रामीणों ने स्वामी यतीश्वरानंद का जताया आभार
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