अधिकार मित्र मुकेश कुमार ने रसूलपुर मे घर घर पहुँच कर निःशुल्क विधिक सहायता की प्रक्रिया समझाई
लालढांग
ग्रामीणों को न्याय और अधिकारों से जोड़ने की दिशा में अधिकार मित्र मुकेश कुमार ने ग्राम पंचायत रसूलपुर मीठीबेरी के रसूलपुर गांव में ऑपरेशन जागृति के तहत घर-घर जाकर विधिक जागरूकता अभियान चलाया। अभियान के दौरान उन्होंने आम नागरिकों को कानून से जुड़ी आवश्यक जानकारियों से अवगत कराते हुए निःशुल्क विधिक सहायता की प्रक्रिया समझाई।
मुकेश कुमार ने ग्रामीणों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका, कार्यप्रणाली और उद्देश्य की जानकारी देते हुए बताया कि समाज के कमजोर, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों को प्राधिकरण के माध्यम से बिना किसी शुल्क के विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसके अंतर्गत निःशुल्क अधिवक्ता सुविधा, कानूनी परामर्श, वाद दायर करने में सहायता तथा न्यायालयीन प्रक्रिया में सहयोग जैसी सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
उन्होंने राष्ट्रीय लोक अदालत एवं स्थायी लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इन मंचों के माध्यम से वर्षों से लंबित मामलों का आपसी सहमति से त्वरित निस्तारण संभव है। साथ ही पारिवारिक एवं सामाजिक विवादों में मध्यस्थता को प्रभावी और शांतिपूर्ण समाधान बताते हुए इसके लाभ भी समझाए।
अधिकार मित्र द्वारा नागरिकों को विधिक सहायता से जुड़े टोल फ्री नंबर 15100, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 तथा आपातकालीन सेवा 112 की जानकारी दी गई और इनके समय पर उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा नागरिकों के हित में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई। अभियान के दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और जिज्ञासाएं रखीं, जिनका समाधान मौके पर ही किया गया।
ग्रामीणों ने अधिकार मित्र मुकेश कुमार की सक्रिय भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियानों से ग्रामीण क्षेत्रों में कानून के प्रति भरोसा बढ़ता है और आम नागरिकों को न्याय की प्रक्रिया से जुड़ने का अवसर मिलता है।
अधिकार मित्र मुकेश कुमार ने रसूलपुर मे घर घर पहुँच कर निःशुल्क विधिक सहायता की प्रक्रिया समझाई
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अधिकार मित्र मुकेश कुमार ने रसूलपुर मे घर घर पहुँच कर निःशुल्क विधिक सहायता की प्रक्रिया समझाई
मुकेश कुमार ने ग्रामीणों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका, कार्यप्रणाली और उद्देश्य की जानकारी देते हुए बताया कि समाज के कमजोर, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों को प्राधिकरण के माध्यम से बिना किसी शुल्क के विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसके अंतर्गत निःशुल्क अधिवक्ता सुविधा, कानूनी परामर्श, वाद दायर करने में सहायता तथा न्यायालयीन प्रक्रिया में सहयोग जैसी सेवाएं प्रदान की जाती हैं।


