लालढांग क्षेत्र में सिचाई की नहरो में पानी न आने से किसानों की फसलों में सिचाई न होने से किसान परेशान
लालढांग
लालढांग क्षेत्र के धान व गन्ने की खेती करने वाले किसान अपने खेतों में लहराती धान व गन्ने की फसलों को सूखता हुआ देखकर हैरान व परेशान है।
लालढांग क्षेत्र के विभिन्न गांव के किसान नहर के पानी से अपने खेतों में पानी लगाकर फसलों को उगाते हैं यहां के किसान नहर के पानी पर निर्भर है उनके पास एकमात्र खेती की सिचाई करने के लिए नहरका पानी ही एक साधन है, किसान कोमल सिंह, जगराम सिंह, लाखन सिंह,रंजन बिष्ट,बलराम सिंह, पूरण सिंह रावत आदि का कहना हैपिछले दस दिन से भी ज्यादा का समय हो गया हैं क्षेत्र के गांव जिनमें नयागांव, चमरिया, कटेबड़,डालूपुरी,मोल्हापुरी, रसूलपुर, मीठीबेरी, रसूलपुर गोट , मंगोलपुराआदि गांवों की नहरो में पानी न होने के कारण खेतों में खड़ी फसलों में सिंचाई के अभाव में किसानो की धान व गन्ने की फसल नष्ट होने के कगार पर है किसानों का कहना है सिंचाई विभाग को किसानों के खेतों में खड़ी धान व गन्ने की फसल को बचाने के लिए इस समय पानी की जबरदस्त आवश्यकता है यदि समय रहते किसानों के इन खेतों की सिंचाई नहीं हुई तो उनकी खून पसीने से सींची हुई फसल बर्बाद हो जाएगी जिसको बचाने के लिए उन्होंनेसिंचाई विभाग से नहरो में पानी चढ़ाने की मांग की है। रसूलपुर मीठीबेरी के ग्राम प्रधान कमलेश द्विवेदी ने बताया पिछले कई दिनों से मंगोलपुरा,रसूलपुर गोट आदि क्षेत्र की सभी नहरो में पानी नही है किसानों की फसलें सुख रही हैं।इस सम्बंध में सिचाई विभाग के अधिकारियों से जल्दी ही नहरो में पानी चढ़ाने के लिए कहा गया है।

लालढांग क्षेत्र में सिचाई की नहरो में पानी न आने से किसानों की फसलों में सिचाई न होने से किसान परेशान
लालढांग क्षेत्र के विभिन्न गांव के किसान नहर के पानी से अपने खेतों में पानी लगाकर फसलों को उगाते हैं यहां के किसान नहर के पानी पर निर्भर है उनके पास एकमात्र खेती की सिचाई करने के लिए नहरका पानी ही एक साधन है, किसान कोमल सिंह, जगराम सिंह, लाखन सिंह,रंजन बिष्ट,बलराम सिंह, पूरण सिंह रावत आदि का कहना हैपिछले दस दिन से भी ज्यादा का समय हो गया हैं क्षेत्र के गांव जिनमें नयागांव, चमरिया, कटेबड़,डालूपुरी,मोल्हापुरी, रसूलपुर, मीठीबेरी, रसूलपुर गोट , मंगोलपुराआदि गांवों की नहरो में पानी न होने के कारण खेतों में खड़ी फसलों में सिंचाई के अभाव में किसानो की धान व गन्ने की फसल नष्ट होने के कगार पर है किसानों का कहना है सिंचाई विभाग को किसानों के खेतों में खड़ी धान व गन्ने की फसल को बचाने के लिए इस समय पानी की जबरदस्त आवश्यकता है यदि समय रहते किसानों के इन खेतों की सिंचाई नहीं हुई तो उनकी खून पसीने से सींची हुई फसल बर्बाद हो जाएगी जिसको बचाने के लिए उन्होंनेसिंचाई विभाग से नहरो में पानी चढ़ाने की मांग की है। रसूलपुर मीठीबेरी के ग्राम प्रधान कमलेश द्विवेदी ने बताया पिछले कई दिनों से मंगोलपुरा,रसूलपुर गोट आदि क्षेत्र की सभी नहरो में पानी नही है किसानों की फसलें सुख रही हैं।इस सम्बंध में सिचाई विभाग के अधिकारियों से जल्दी ही नहरो में पानी चढ़ाने के लिए कहा गया है।


