लालढांग क्षेत्र के लाहड़पुर व आसपास के गांवों में बंदरों के बढ़ते आतंक के खिलाफ ग्रामीणों ने लाहड़पुर स्थित रेस्क्यू सेंटरपर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने फसलों को हो रहे नुकसान और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।

युवा शक्ति संगठन संगठन के अध्यक्ष विजय रावत ने कहा कि क्षेत्र की मुख्य आजीविका कृषि है, लेकिन बंदरों के आतंक से किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं।
ग्रामीणों ने रेस्क्यू प्रभारी के माध्यम से डीएफओ के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि बंदरों की नसबंदी के साथ टैगिंग व पहचान के लिए रंग लगाया जाए, पकड़े गए बंदरों को उसी क्षेत्र में न छोड़ा जाए, फसल नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाए और नसबंदी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाए।
प्रत्येक बंदर की जियो-टैगिंग के साथ डिजिटल रिकॉर्ड रखने, सड़कों व सार्वजनिक स्थानों पर बंदरों को खाना खिलाने पर रोक के लिए जागरूकता अभियान व सूचना बोर्ड लगाने, बंदरों की वैज्ञानिक गणना, प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने और त्वरित रेस्क्यू टीम गठित करने की मांग भी की गई।
इस मौके पर मुख्य रूप से रमेश कोठियाल, भगवान सिंह उत्तराखंडी, पवन , शुभम कश्यप, राजपाल बगियाल, बलवीर पोखरियाल, शशी पोखरियाल, रोशनी पोखरियाल, जमुना देवी आदि शामिल थे।


