पौराणिक देवभूमि सोसाइटी ने उत्तराखंड के लोक पर्व फूलदेई पर कार्यक्रम का किया आयोजन
लालढांग
लालढांग में पौराणिक देवभूमि सोसाइटी लालढांग द्वारा फुलदेई फूल संग्रांद पर लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उत्तराखण्ड की संस्कृति को समर्पित गढ़वाली कुमाऊनी लोक गीतों पर लोककलाकारो ने नृत्य की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित करते हुए ग्राम प्रधान लालढांग सुनील बिष्ट ने कि कहा हमारी संस्कृति , हमारी धरोहर है इस बचाना जरूरी है। आज समाज मे पश्चिमी सभ्यता पनप रही है। जिससे आज के युवा वर्ग की दिशा और दशा बदल रही है जिसके लिए हमे प्रयास कर अपनी संस्कृति की ओर लौटना होगा। इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम हमे समाज, संस्कार और संस्कृति से जोड़ते है।
कार्यक्रम में लोक गायको ने गढ़वाली कुमाऊनी लोक गीत और गढ़वाल नृत्य से लोगो का मन मोह लिया। कार्यक्रम में स्थानीय महिला कीर्तन मंडलियों ने शानदार प्रस्तुतिया दी।
संस्था के अध्यक्ष सुमन धस्माना ने बताया कि आज डिजिटल युग मे लाइव प्रस्तुतियाँ लुप्त होने के कगार पर है। संस्था का प्रयास है कि उत्तराखंड की संस्कृति और संस्कारो को समाज के बीच संजीदा रखा जाए जिसके लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम जरूरी है। कार्यक्रम में सुंदर प्रस्तुति देने वाली विभिन्न कीर्तन मंडलियों की महिलाओं को सम्मान देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मोहन चंद हतेली, प्रकाशचंद डोबरियाल, शिशु मंदिर के प्राचार्य राम नारायण बिजलबाण, यशपाल रावत, कमलेश द्विवेदी, दीपक जख्मोला ममता डोबरियाल, तुलसी अधिकारी, लक्ष्मी भट्ट ,कामनी डवराल ,पुष्पा रावत ,सुनीता नेगी, हेमा गौड, संतोषी, पूनम, रामदेई, पूनम द्विवेदी , रोशनी रावत ,दीपा आधिकारी, मंजू मनराल, गीता रावत, शान्ति अधिकारी, पद्यमा रावत, मीना विन्जोला ,ममता मनराल, आशा घिल्डियाल, शुशीला अधिकारी, गंगा रावत ऊषा अमोलीपूर्व प्रधानाध्यापिका शुशीला हतेली आदि बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं।
Must Read

पौराणिक देवभूमि सोसाइटी ने उत्तराखंड के लोक पर्व फूलदेई पर कार्यक्रम का किया आयोजन
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित करते हुए ग्राम प्रधान लालढांग सुनील बिष्ट ने कि कहा हमारी संस्कृति , हमारी धरोहर है इस बचाना जरूरी है। आज समाज मे पश्चिमी सभ्यता पनप रही है। जिससे आज के युवा वर्ग की दिशा और दशा बदल रही है जिसके लिए हमे प्रयास कर अपनी संस्कृति की ओर लौटना होगा। इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम हमे समाज, संस्कार और संस्कृति से जोड़ते है। 
संस्था के अध्यक्ष सुमन धस्माना ने बताया कि आज डिजिटल युग मे लाइव प्रस्तुतियाँ लुप्त होने के कगार पर है। संस्था का प्रयास है कि उत्तराखंड की संस्कृति और संस्कारो को समाज के बीच संजीदा रखा जाए जिसके लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम जरूरी है। कार्यक्रम में सुंदर प्रस्तुति देने वाली विभिन्न कीर्तन मंडलियों की महिलाओं को सम्मान देकर सम्मानित किया गया।


