श्रीमद् भागवत कथा की गाजी वाली में हो रही है अमृत वर्षा

श्यामपुर के मोहन गोकुलधाम गाजीवाली में श्रीमद् भागवत कथा सुनने वाले श्रद्धालुओं उमड़ी भीड़
लालढांग
श्यामपुर क्षेत्र के मोहन गोकुलधाम गाजीवाली में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का चतुर्थ दिवस पर मोहन गोकुलधाम पीठाधीश्वर पूज्य कृष्णा संजय जी महाराज ने कथा में श्रीराम जन्म का भावपूर्ण वर्णन करते हुए उनकी मर्यादा, आदर्श जीवन और चित्रकूट प्रवास पर विस्तार से प्रकाश डाला।महाराज श्री ने रामायण का एक प्रेरक प्रसंग सुनाया कि जब वनवास के समय प्रभु श्रीराम ने निषादराज को गले लगाया, तब यह संदेश दिया कि प्रभु के चरणों में आस्था और प्रेम ही सच्चा बंधुत्व है। उन्होंने कहा कि रामचरित केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन जीने की मर्यादा सिखाने वाला आदर्श है।महाराज श्री ने आगे बताया कि भगवान श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं, जबकि भगवान श्रीकृष्ण लीला पुरुषोत्तम हैं।

कथा सुन रहे श्रद्धालु भजनों की धुन पर झूम उठे और “हाथी-घोड़ा-पालकी, जय कन्हैया लाल की” के गगनभेदी जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। कथा में कृष्ण जन्मोत्सव भी बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया। क्षेत्रीय लोगों ने श्रीमद् भागवत कथास्थल पर पहुंच कर एकाग्र मन से श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण पान किया




